सिद्धिदात्री : दुर्गाजी की नौवीं शक्ति

या देवी सर्वभू‍तेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अर्थ : हे मां! सर्वत्र विराजमान और मां सिद्धिदात्री के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है. या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ. हे मां, मुझे अपनी कृपा का पात्र बनाओ. मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं…

Read More

महागौरी आठवीं शक्ति

महागौरी : आठवीं शक्ति श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥ मां दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है. दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है. इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है. इनकी उपासना से भक्तों को सभी कष्ट धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते…

Read More

कालरात्रि : मां दुर्गा की सातवीं शक्ति

सहस्रार चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णतः मां कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य का वह भागी हो जाता है। उसके समस्त पापों-विघ्नों का नाश हो जाता है। उसे अक्षय पुण्य-लोकों की प्राप्ति होती है। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर…

Read More

छठवीं शक्ति मां कात्यायनी

या देवी सर्वभू‍तेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अर्थ : हे मां! सर्वत्र विराजमान और कात्यायनी के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है. या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं. हे मां, मुझे दुश्मनों का संहार करने की शक्ति प्रदान कर. मां दुर्गा के छठे स्वरूप का नाम…

Read More

स्कंदमाता : पांचवीं शक्ति माँ दुर्गा की

या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। (अर्थ : हे मां! सर्वत्र विराजमान और स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है. या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं. हे मां, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें.) वरात्रि का पांचवां दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन…

Read More

कुष्मांडा : मां दुर्गा की चौथी शक्ति

 सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे। नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है. अपनी मंद, हल्की हंसी के द्वारा अण्ड यानी ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से अभिहित किया गया है. जब सृष्टि नहीं थी, चारों तरफ अंधकार ही अंधकार था,…

Read More

तीसरे दिन चंद्रघंटा के रूप में माँ दुर्गा की आराधना

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम ‘चंद्रघंटा’ है. नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है. इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है. मां चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का…

Read More

दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा

या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है. साधक इस दिन अपने मन को मां के चरणों में लगाते हैं. ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली. इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण…

Read More

शैलपुत्री : मां दुर्गा का पहला रूप

वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌ । वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌ ॥ नवरात्रि के पावन पर्व के मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि-विधान से की जाती है. इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है. मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता…

Read More

नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त

आज से नवरात्रि पर्व आरंभ हो रहा है. मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व 25 सितंबर 2014 से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होगा. 25 सितंबर को हस्त नक्षत्र में सूर्यास्त से पूर्व नवरात्रि की मंगल घटस्थापना अत्यंत शुभ है. घटस्थापना के मंगल मुहूर्त :- शुभ मुहूर्त गुरुवार प्रात: 6 बज…

Read More