उत्तराखंडी कविता

स्कूल का दिनों मा, जब मैं त्वैसे प्यार करदू छो छुट्टी होणा बाद तेरू इंतजार छो तेरी गेल्याणि दग्डयो दगडि तेरा बाना राड़ करदू छो तेरा भैजी भुलों दगडि, तेरा बाना, मार -धाड़ करदू छो।। इंटरबल मा त्वेते समूसा कु जुगाड करदू छो, बजार की दकानु मां पगाल, उधार करदू छो!! स्कूल दिनों मां जब…

Read More

भूकंप की दृष्टि से देवभूमि के पांच शहर संवेदनशील

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील जोन पांच व चार में आने वाले देश के चुनिंदा 50 शहरों को शामिल किया है। इनमें उत्तराखंड के पांच शहर शामिल हैं। देहरादून, [विकास धूलिया]: पिछले कुछ दशकों में तेजी से हुए अनियोजित शहरीकरण ने भूकंप से होने वाले नुकसान के खतरे को…

Read More

पिथौरागढ की बेटी ने कर दिखाया बहादुरी का विलक्षण कारनामा…

पिथौरागढ की बेटी ने कर दिखाया बहादुरी का विलक्षण कारनामा… बंगलुरु की सड़कों मै यात्रियों से खचाखच भरी सिटी बस सामान्य दिनों की भांति गन्तव्य की ओर जा रही थी कि….. अचानक ये क्या बस के ड्राइवर को दिल का दौरा पड़ गया और एक्सलेटर मै पैर अकड़ने से बस बेकाबू हो गई यात्रियों मै…

Read More

11 लाख के लिए अंधेरे में डूब जाएगा गंगोत्री धाम

सितंबर माह से गंगोत्री धाम की बिजली ठप होने की नौबत आ गई है। समय से बिल का भुगतान नहीं होने पर दो लघु जल विद्युत परियोजनाओं को लीज पर चला रही कंपनी ने एक सितंबर से गंगोत्री के दोनों बिजलीघर बंद करने का निर्णय लिया है। बता दें मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित तीर्थ धामों…

Read More

स्वाधीनता संग्राम मे श्रीदेव सुमन की भूमिका

अमर शहीद श्री देव सुमन को नमन एवं श्रद्धासुमन💐🙏 अपनी जननी-जन्मभूमि के प्रति अपार बलिदानी भावना रखने वाले तरुण तपस्वी अमर शहीद श्री श्रीदेव सुमन जी का जन्म टिहरी गढ़वाल जिले की बमुण्ड पट्टी के ग्राम जौल में १२ मई, १९१५ को हुआ था। इनके पिता का नाम श्री हरिराम बड़ोनी और माता जी का…

Read More

उत्तराखंड प्रीमियर लीग…इसलिए

बेशक व्यक्तिगत रूप से हम मुंबई के प्रवासी उत्तराखंडी सफलता के शिखर पर हैं और निजी उपलब्धियों पर इतराने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है, पर जब हमारी सामाजिक पहचान किसी की निगाहों में सवाल बन कर उभरती है, तो निजी उपलब्धियों का संसार टूट कर बिखरने लगता है. बहुगुणा, नौटियाल, जोशी, काला, राणा…

Read More

क्या आप जुड़े अपनी उत्तराखंडी वेबसाइट से ?

उतराखंड के निवासी एवं प्रवासी समाज को एक सूत्र में जोड़ने व प्रवासियों के सामाजिक दायरे को विस्तार देने के लिए www.uttarakhandpravasi.com और मेट्रोमोनियल वेबसाइट www.byohbaraat.com नामक दो सामाजिक वेबसाइट तैयार हैं. उतराखंडप्रवासीडॉटकॉम अन्य शोसियल नेटवर्किंग साईट की तरह ही बिलकुल मुफ्त है. यह साईट उतराखंड के लोगों के लिए एक डिजिटल डायरेक्ट्री का भी…

Read More

दिवाली को अपनों का इंतज़ार

दीपावली के त्योहार देश भर में खुशियों का त्योहार होता है. किन्तु उतराखंड में दिवाली का त्योहार और भी खास होता था. उत्तराखंड में दीपावली के मायने सिर्फ दीप पर्व मानना ही नहीं, अपनों के मिलन का त्योहार भी होता था. दिवाली एसा त्योहार होता था, जिसमे गांव छोड़ कर परदेश गए अपनों के घर…

Read More

सत्य की विजय का पर्व दशहरा

अन्याय, अत्याचार, अहंकार, विघटन और आतंकवाद आदि संसार के कलंक हैं. इतिहास पुराण गवाह हैं कि जब-जब आसुरी शक्तियां सिर उठाती रही हैं. तब-तब इस धरती में महापुरुषों ने जन्म लिया और आसुरी शक्तियों का विनाश किया. त्रेता युग में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद, खरदूषण, ताड़का, त्रिशरा आदि और द्वापर में कंस, पूतना, बकासुर के अलावा…

Read More

आलू के बदले नमक

पहाड़ों में खेती का उत्पादन घरों की व्यवस्था चलाने तक सीमित था. कुछ फसलें जो नकद फसलें होती थी उनको दुकानदारों या ठेकेदारों को अन्य अन्न के बदले अदलाबदली की जाती थी. पहाड़ों में कई इलाकों में आलू और चोलाई (मारछा) बड़ी मात्रा में होता था. लोग आलू और चोलाई को उठाकर आलू के ठेकेदार…

Read More