हुदहुद का ‌देहरादून में भी असर

आंध्र और ओड़िसा में हुदहुद तूफ़ान का कहर बरपा है और आंध्र में २६ व ओड़िसा में ३ से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, वहीं मंगलवार को तड़के देहरादून में हुदहुद का असर दिखाई दिया. मौसम विभाग के मुताबिक सुबह से राजधानी में अंधेरा छाया रहा. इतना ही नहीं काफी देर तक हुई झमाझम बारिश से दून के तापमान में गिरावट दर्ज की गई. राज्य मौसम केंद्र के सूत्रों की मानें तो मानसून विदा हो चुका है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी नहीं, ऐसे में यह नमी तटीय इलाकों में आए हुदहुद तूफान का असर हो सकती है. अगले 36 घंटे में प्रदेश भर के मौसम में तब्दीली की संभावना जताई है. विशेषकर उत्तरकाशी, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर आदि स्थानों पर न केवल गरजन वाले बादल विकसित हो सकते हैं, बल्कि गरज संग बौछार भी पड़ सकती है. हुदहुद तूफान के 48 घंटे गुजर जाने के बाद भी आंध्रप्रदेश के 12 जिले अंधेरे में डूबे हुए हैं. इस तूफ़ान ने तटीय क्षेत्र आंध्रप्रदेश में 26 लोगों की, ओडिशा में तीन लोगों की मौत हुई है जबकि 4 लाख लोगों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था. विजाग एयरपोर्ट को राहत कार्यों के लिए दोबारा से खोल दिया गया है, लेकिन शहर अभी भी अंधेरे में डूबा हुआ है. बुनियादी चीजों की कीमतों में खासी बढ़ोतरी हुई है, जहां पानी को बोतल 250 रुपए में बिक रही है. क्षेत्र में एटीएम नहींरहे हैं, पेट्रोल पंप सूखे चल रहे हैं. संचार सेवा ठप है. सभी रेलवे स्टेशन बंद हैं, हाइवे बंद हैं. खाने के लिए कुछ भी नहीं है. तटीय आंध्र में ६००० घर नष्ट हो गए और छह लाख लोग प्रभावित हैं. रविवार को 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार आए तूफान और भारी बारिश ने इस 18 लाख की आबादी वाले शहर का सुख-चैन छीन लिया.

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