जखोली के मनस्वी भट्ट बनेंगे वैज्ञानिक

उतराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के पिछड़े गांव सिद्धसौड़ के मनस्वी भट्ट ने अपनी प्रतिभा के बल पर राज्य एवं गांव का नाम रौशन किया है.  मनस्वी भट्टका चयन जेईई मेन परीक्षा के आधार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संघठन (इसरो) में वैज्ञानिक बनने के लिए हुआ है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में विपरीत परिस्थितियों में अपनी मेहनत और लगन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम दर्ज कराने के कारण मनस्वी भट्ट युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं. मनस्वी भट्ट का चयन इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन) में वैज्ञानिक पद पर होने से क्षेत्रवासियों ख़ुशी की लहर है. 17 वर्षीय मनस्वी का चयन इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा के आधार पर इसरो के लिए हुआ. वर्तमान में वह केरल के त्रिवेंद्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. मनस्वी के पिता राकेश भट्ट राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखनोली में शिक्षक और माता ममता केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश में शिक्षिका के पद पर तैनात हैं.मनस्वी ने माता के साथ रहकर केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा हासिल की है. मनस्वी को अपने गांव से बेहद लगाव है. वह कहते हैँ कि पहाड़ का जीवन कठिन जरूर है, लेकिन यही दुश्वारियां और विषम परिस्थतियां पहाड़वासियों को काम करने का हौसला भी देती हैं. पिछले साल जखोली ब्लाक के कंडाली गांव के अनुराग बुटोला ने भी गांव का नाम रोशन किया था, उनका भी चयन इसरो में हुआ था.

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